Details, Fiction and Amavasya



साधना के दौरान मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का उपयोग नहीं करें।

शनि, कालसर्प, मंगलदोष, पितृदोष एक झटके में खत्म, बस शर्त ये हैं



शत्रु निवारण:  शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र प्रभावी होते हैं।

जप के समय क्रोध, लड़ाई, चिंता आदि से बचें। 

क्योंकि बिना नियम का पालन किए हुए कोई भी देवी या देवता प्रसन्न नहीं होते हैं, इसलिए अगर किसी साधक को किसी भी प्रकार की सिद्धि करनी है तो उसे पूरी विधि विधान से मंत्र जाप और अपनी साधना विधि करनी चाहिए तभी उसे अपनी साधना में सफलता मिलेगी.

क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.

गुरु से शक्ति दीक्षा अवश्य प्राप्त करें

❤ इसे और लोगो (मित्रो/परिवार) के साथ शेयर करे जिससे वह भी जान सके और इसका लाभ पाए ❤

मृत्युंजय हवन, गणेश हवन, नवग्रह शांति... इत्यादि

आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।

अगर आप ग्रहण काल के दरमियान किसी शाबर मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको जो भी मंत्र सिद्ध करना है उसे अच्छी तरीके से याद कर ले मतलब कि आप बिना किताबों को भी check here उस मंत्र को पढ़ पाए.

कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !

शाबर मंत्र साधना : शक्तिशाली सिद्ध शाबर मंत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *